Sunday, November 29, 2020

Parliamentary Committee on Covid: Private hospitals exaggerately take money, much less spending on health – कोविड संबंधी संसदीय समिति : निजी अस्पतालों ने बढ़ा-चढ़ाकर पैसे लिए, स्वास्थ्य पर खर्च काफी कम


नई दिल्ली:

एक संसदीय समिति ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी और इस महामारी के इलाज के लिए विशिष्ट दिशानिर्देशों के अभाव में निजी अस्पतालों ने काफी बढ़ा-चढ़ाकर पैसे लिए. इसके साथ ही समिति ने जोर दिया कि स्थायी मूल्य निर्धारण प्रक्रिया से कई मौतों को टाला जा सकता था.

स्वास्थ्य संबंधी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष राम गोपाल यादव ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को ‘कोविड-19 महामारी का प्रकोप और इसका प्रबंधन” की रिपोर्ट सौंपी. सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने के संबंध में यह किसी भी संसदीय समिति की पहली रिपोर्ट है.

समिति ने कहा कि 1.3 अरब की आबादी वाले देश में स्वास्थ्य पर खर्च “बेहद कम है” और भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था की नाजुकता के कारण महामारी से प्रभावी तरीके से मुकाबला करने में एक बड़ी बाधा आयी. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसलिए समिति सरकार से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में अपने निवेश को बढ़ाने की अनुशंसा करती है.

समिति ने सरकार से कहा कि दो साल के भीतर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2.5 प्रतिशत तक के खर्च के राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें क्योंकि वर्ष 2025 के निर्धारित समय अभी दूर हैं और उस समय तक सार्वजनिक स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं रखा जा सकता है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में 2025 तक जीडीपी का 2.5 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवा पर सरकारी खर्च का लक्ष्य रखा गया है जो 2017 में 1.15 प्रतिशत था. समिति ने कहा कि यह महसूस किया गया कि देश के सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या कोविड और गैर-कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए विशिष्ट दिशानिर्देशों के अभाव के कारण मरीजों को अत्यधिक शुल्क देना पड़ा. समिति ने जोर दिया कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और महामारी के मद्देनजर सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच बेहतर साझेदारी की जरूरत है.

Newsbeep

समिति ने कहा कि जिन डॉक्टरों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान दे दी, उन्हें शहीद के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए और उनके परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए.


 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Latest news

UK Government Calls On Netflix To Add Fiction Disclaimer To The Crown – Deadline

Netflix should add a disclaimer to The Crown making clear to its 195M subscribers that the royal drama is partly a work of...

अन्ना हजारे ने किया किसानों का समर्थन, कहा- बात सुने सरकार, वे पाकिस्तानी नहीं – Anna Hazare Supports Farmers Protest Ralegan Siddhi SINGHU BORDER

स्टोरी हाइलाइट्स किसानों के समर्थन में अन्ना हजारे कहा- सरकार सुलझाए यह मसला 'भारतीय किसान हैं, सरकार...

बेरूत धमाके में अपनों को खोने वाली लड़कियों के लिए बूढ़ी महिला ने बनाईं गुड़िया

योलांडे लाबाकी एक कलाकार हैं, विस्फोट के बाद से, 5 अगस्त से, योलांडे सुबह जल्दी उठती है और गुड़िया बनाना शुरू कर देती...

Related news

UK Government Calls On Netflix To Add Fiction Disclaimer To The Crown – Deadline

Netflix should add a disclaimer to The Crown making clear to its 195M subscribers that the royal drama is partly a work of...

अन्ना हजारे ने किया किसानों का समर्थन, कहा- बात सुने सरकार, वे पाकिस्तानी नहीं – Anna Hazare Supports Farmers Protest Ralegan Siddhi SINGHU BORDER

स्टोरी हाइलाइट्स किसानों के समर्थन में अन्ना हजारे कहा- सरकार सुलझाए यह मसला 'भारतीय किसान हैं, सरकार...

बेरूत धमाके में अपनों को खोने वाली लड़कियों के लिए बूढ़ी महिला ने बनाईं गुड़िया

योलांडे लाबाकी एक कलाकार हैं, विस्फोट के बाद से, 5 अगस्त से, योलांडे सुबह जल्दी उठती है और गुड़िया बनाना शुरू कर देती...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Close Bitnami banner
Bitnami